Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

शरीर व शरीर के अन्य अंगों से ब्रह्मचर्य पालना आसान है किन्तु मन का ब्रह्मचर्य अति कठिन है, मन का ब्रह्मचर्य ही परमब्रह्म से मिला सकता है।

Practising celibacy with the body and its organs is easy, but celibacy of the mind is very difficult; it is celibacy of the mind alone that can unite one with the Supreme.

— आराध्य सूत्र · #1070

इसी विषय के और सूत्र

सभी ब्रह्मचर्य →
जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य