Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

जिस प्रकार सूक्ष्म छेद वाले जाल में फँसी हुई दो बड़ी-बड़ी मछलियाँ मिलकर जाल को काट डालती हैं, उसी प्रकार ये काम और क्रोध दोनों विशिष्ट ज्ञान को लुप्त कर देते हैं।

Just as two large fish caught in a fine-meshed net together tear the net apart, so lust and anger together destroy one's special knowledge.

— आराध्य सूत्र · #1066

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य