Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

मन से किया हुआ पाप ही पाप है, शरीर द्वारा किया हुआ नहीं क्योंकि जिस शरीर से पत्नि का आलिंगन करते हैं उसी शरीर से पुत्री का आलिंगन करते हैं भावों में अन्तर होता है।

Only sin committed by the mind is sin, not that done by the body; for with the same body one embraces a wife, one also embraces a daughter—the difference lies in the intention.

— आराध्य सूत्र · #885

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन