Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

जीव का अपवित्र मन ही प्रधान नरक है एवं उसकी वेदना, चिन्ता और भय अशान्ति ही नारकीय यातना है।

A soul's impure mind is the chief hell, and its agony, worry, fear, and unrest are the torments of hell.

— आराध्य सूत्र · #882

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन