Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

क्रोध में किसी को कुछ बक दो तो अन्तःकरण की अदालत में स्वयं न्यायाधीश बनकर, स्वयं को खड़ा कर स्वयं को प्रायश्चित्त दो।

If in anger you blurt something at someone, then in the court of your conscience become the judge yourself, put yourself in the dock, and give yourself the penance.

— आराध्य सूत्र · #873

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा