Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

मन, वचन, काय की अशुद्धि में, विशुद्ध कार्य नहीं हो सकता है।

Amid impurity of mind, speech, and body, no pure act can be done.

— आराध्य सूत्र · #719

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