Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

ईर्ष्या अपनी हीनता के बोध से जन्म लेती है और ईर्ष्या उस हीनता को दूर नहीं करती सिर्फ दबाती है। ईर्ष्या रखने वाले मनुष्य को इतना दुःख अपनी असफलता पर नहीं होता जितना दुःख दूसरे की सफलता देखकर होता है।

Jealousy is born from a sense of one's own inferiority, and it does not remove that inferiority but only suppresses it. A jealous person suffers not so much over his own failure as over the sight of another's success.

— आराध्य सूत्र · #666

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा