Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

ईर्ष्या करके मनुष्य उसका तो कुछ बिगाड़ नहीं सकता, पर अपनी निद्रा, सुख, पुण्य, सन्तोष अवश्य खो देता है। ‘‘स्वयं को उपदेश देने वाला उन्नति करता है।’’

By being envious a person can do no harm to the other, but he certainly loses his own sleep, happiness, merit and contentment. 'One who instructs himself advances.'

— आराध्य सूत्र · #580

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा