Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

किसी के भी गुणों में दोष ढूँढना, ईर्ष्या, निन्दा करना नरक गति की तैयारी करना है।

To seek faults in anyone's virtues, to envy and to slander, is to prepare for a hellish destiny.

— आराध्य सूत्र · #579

इसी विषय के और सूत्र

सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा