Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

ईर्ष्या करने वाले, घृणा करने वाले, असंतोषी, क्रोधी, सदा शंकित रहने वाले और दूसरों के भाग्य पर निर्वाह करने वाले सदा दुःखी ही रहते हैं।

The envious, the hateful, the discontented, the angry, those ever suspicious, and those who live off others' fortune, always remain unhappy.

— आराध्य सूत्र · #578

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा