Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

जो मनुष्य अपने साथी से घृणा करता है, वह उसी मनुष्य के समान हत्यारा है जिसने सचमुच हत्या की है।

A person who hates his companion is a murderer just like one who has actually committed murder.

— आराध्य सूत्र · #575

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा