Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

भाव बिगड़ता है तो भव बिगड़ जाता है और भाग्य बिगड़ता है तो भविष्य बिगड़ता जाता है। अतः अच्छे भाव (परिणाम) और अच्छे भाग्य का सदुपयोग कर लो क्योंकि भाव सम्भलते ही भव सम्भल जाता है और भाग्य सँवरते ही भविष्य सँवर जाता है।

When feeling spoils, existence spoils; when fortune spoils, the future spoils. Therefore make good use of good feelings (inner states) and good fortune, for as soon as feeling is set right, existence is set right, and as soon as fortune is adorned, the future is adorned.

— आराध्य सूत्र · #309

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन