Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
भाग 1 · अध्याय 1

आत्म साधना सूत्र

124 सूत्र · पृष्ठ 3 / 3

आत्मविश्वास, दृढ़ता, वैराग्य; ये गुण जिस मानव में होते हैं, वही सभी उदार गुणों का स्वामी होता है।
चरित्र
मुनिपद के समक्ष संसार के सभी पद फीके पड़ जाते हैं।
धर्म
संसार के सारे पद भूतपूर्व बनाते हैं लेकिन परमपद (मोक्ष) अभूतपूर्व बनाता है। किसी की मेहरबानी माँगना अपनी आजादी बेचना है।
धर्म
भीख माँगने वाला भी स्वाभिमानी होता है, लेकिन दूसरों पर आश्रित रहने वाला दीन हीन होता है।
चरित्र