आर्यिका सङ्गति त्याग- हे साधो! अग्नि और विष के सदृश आर्यिका सङ्गति का त्याग करो। ब्रह्मचर्य 0 – भेजें
मयूर ब्रह्मचारी होता है, इसकी आँख के आँसू को मोरनी चाँट लेती है इससे वह गर्भवती हो जाती है। ब्रह्मचर्य 0 – भेजें