Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

नैनागिर जी में सब साधुओं की चरणछूकर वन्दना करते थे तो सब साधुओं ने कहा वहीं से कर लिया करो, वर्णीजी ने कहा अविनय होती है।

At Nainagiri ji he would pay homage by touching the feet of all the monks; when they said, 'Do it from where you are,' Varni ji replied, 'That would be disrespect.'

— आराध्य सूत्र · #25

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता