Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

दूसरों की प्रशंसा और अपनी निंदा करना ही परमात्मा की अर्चना करना है।

To praise others and to censure oneself is itself the worship of the Supreme.

— आराध्य सूत्र · #280

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता