Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समय

शरीर सिकुड़ गया, गति नष्ट हो गई, दाँत गिर गये, दृष्टि चली गई, अन्धेरी बढ़ने लगी, मुख लार से भर गया, बाँधव जन कहा नहीं मानते और स्त्री सेवा नहीं करना चाहती, हाय बड़े कष्ट की बात है कि बुढ़ापे के कारण वृद्ध मनुष्य का पुत्र भी उसके शत्रु के समान हो जाता है।

The body has shrunk, movement is gone, the teeth have fallen, sight has failed, dimness grows, the mouth fills with saliva, relatives no longer heed one's word and the wife will not serve — alas, it is a matter of great sorrow that in old age even an aged man's own son becomes like an enemy to him.

— आराध्य सूत्र · #5

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जीवन आज और अभी है, उसे कभी अतीत या भविष्य में न देखें, जिसने जीवन को अतीत या भविष्य में देखा उसने जीवन को जाना ही नहीं। हमेशा ध्यान रखें कि जो सामने है वही सच है। उसके बाद जो कुछ भी है वह सिर्फ संभावना है।
समय