Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

आदिनाथ भगवान के परिवार की तरह आचार्यश्री के परिवार ने भी दीक्षा ली, यह कम नहीं, परोपकार के कार्य करके आज भी सैकड़ों जैन बना कर आचार्यश्री द्वारा आहार किया जाता है।

Just as the family of Lord Adinath took initiation, so too Acharya-shri's family took Diksha — this is no small thing; and even today, through works of benevolence, hundreds are made Jains, and Acharya-shri takes his food only after that.

— आराध्य सूत्र · #25

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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