Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

इन्द्रियों के विषयों को त्याग कर पुनः कितना भी कष्ट आये, सहते रहने वाले को सहिष्णु कहते हैं।

One who, having renounced the objects of the senses, goes on enduring however much suffering comes, is called forbearing (sahishnu).

— आराध्य सूत्र · #14

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम