Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समय

विशुद्ध परिणाम वाले क्षपक की आलोचना आदि प्रशस्त क्षेत्र में दिन के पूर्व या उत्तरभाग में शुभतिथि शुभ नक्षत्र और शुभ समय में होती है।

The confession and such of a kshapaka of pure intent take place in a worthy locale, in the earlier or later part of the day, on an auspicious date, star and time.

— आराध्य सूत्र · #46

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जीवन आज और अभी है, उसे कभी अतीत या भविष्य में न देखें, जिसने जीवन को अतीत या भविष्य में देखा उसने जीवन को जाना ही नहीं। हमेशा ध्यान रखें कि जो सामने है वही सच है। उसके बाद जो कुछ भी है वह सिर्फ संभावना है।
समय