Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

यह महातप रूपी तालाब गुण रूपी जल से भरा है, इसकी मर्यादा रूपी तटबन्धी में थोड़ी सी भी क्षति की उपेक्षा नहीं करना चाहिए, थोड़ी सी उपेक्षा करने से जैसे तालाब का पानी बाहर निकलकर बाढ़ ला देता है, वैसे ही उपेक्षा करने से महातप में भी दोषों की बाढ़ आने का भय रहता है।

This pond of great austerity is filled with the water of virtue; one must not neglect even the slightest damage to its embankment of discipline, for just as a little neglect lets the pond's water break out and cause a flood, so neglect brings the danger of a flood of faults into great austerity too.

— आराध्य सूत्र · #45

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम