Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

धैर्य यस्य पिता क्षमा च जननी, शान्तिश्चिरं गेहिनी, सत्यं सूनुरयं दया च भगिनी, भ्राता मनः संयमः। शय्या भूमि तलं दिशोऽपि वसनं, ज्ञानामृतं भोजनं, एते यस्य कुटुम्बिनो वद सखे !, कस्माद्भयं योगिनः।।

जिसका पिता धैर्य है, माता क्षमा है, स्त्री शान्ति है, पुत्र सत्य है, बहिन दया है, भाई मानसिक संयम है, शैय्या भूमितल है, वस्त्र दिशाएँ है और भोजन ज्ञानामृत है ये जिसके कुटुम्बी हैं, बोलो मित्र उस योगी को किससे भय होगा?

He whose father is fortitude, mother forgiveness, wife lasting peace, son truth, sister compassion, brother mental restraint, bed the bare ground, garment the directions, and food the nectar of knowledge — tell me, friend, of what could such a yogi be afraid?

— आराध्य सूत्र · #23

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