Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

विषयाशावशातीतो, निरारम्भोऽपरिग्रहः। ज्ञान ध्यानतपोरक्तस्, तपस्वी स प्रशस्यते।।

जो विषयों की आशा से रहित हैं, आरम्भ परिग्रह से रहित हैं, ज्ञान-ध्यान-तप में लीन रहते हैं वे तपस्वी प्रशंसनीय हैं।

One free from the craving for sense-objects, free from activity and possessions, absorbed in knowledge, meditation and austerity — such an ascetic is praiseworthy.

— आराध्य सूत्र · #2

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम