Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

भरत क्षेत्र में अठारह कोड़ाकोड़ी सागर तक दाता-पात्र का अभाव था, इतने काल तक भोगभूमि थी, (षट्काल का वर्णन)।

In Bharat-kshetra, for eighteen koda-kodi sagar there was an absence of both donor and worthy recipient; for that long it was a land of enjoyment (bhoga-bhumi) — this is the account of the six ages.

— आराध्य सूत्र · #1

इसी विषय के और सूत्र

सभी दान →
परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
दान