Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

क्षायिक सम्यक्त्व, दान व दान की अनुमोदना से भोगभूमि की प्राप्ति होती है (पृ.329)।

Through kshayika right-belief, charity, and approval of charity, one attains the land of enjoyment (bhogabhumi) (p.329).

— आराध्य सूत्र · धवला पुस्तक प्रथम · #7

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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