Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

समितियों में भी गुप्ति का सद्भाव है, अतः अणुव्रती महाव्रती दोनों को आवश्यक है, उसके विना व्रती तो हो सकता है पर संयमी नहीं होता है।

In the carefulnesses (samitis) too there is the presence of restraint (gupti); hence it is necessary for both the minor-vow holder and the great-vow holder; without it one may be a vow-holder but does not become truly self-controlled.

— आराध्य सूत्र · #10

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम