Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

कायगुप्ति- बाँधना, छेदना, मारण, हाथ-पैर का सङ्कोच विस्तार आदि काय क्रिया की निवृत्ति व्यवहार काय गुप्ति है, कायक्रिया निवृत्ति या कायोत्सर्ग कायगुप्ति है।

Restraint of body (kayagupti): abstaining from bodily acts like binding, cutting, killing and the contracting and stretching of hands and feet is conventional restraint of body; the cessation of bodily activity, or kayotsarga (abandonment of the body), is restraint of body.

— आराध्य सूत्र · #9

इसी विषय के और सूत्र

सभी संयम →
मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम