Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समय

पञ्चमकाल के तीन वर्ष, साढ़े आठ माह शेष रहने पर कार्तिक वदी अमावस्या को प्रातः स्वाति नक्षत्र में मुनि, आर्यिका, श्रावक, श्राविका चारों एक साथ स्वर्ग जायेंगे।

When three years and eight and a half months remain of the fifth era, on the new-moon day of Kartik in the Swati constellation at dawn, the muni, aryika, shravak and shravika all four will depart together to the heavens.

— आराध्य सूत्र · त्रि.सा.860 · #61

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जीवन आज और अभी है, उसे कभी अतीत या भविष्य में न देखें, जिसने जीवन को अतीत या भविष्य में देखा उसने जीवन को जाना ही नहीं। हमेशा ध्यान रखें कि जो सामने है वही सच है। उसके बाद जो कुछ भी है वह सिर्फ संभावना है।
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