Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समय

जिनसेनाचार्य के मत से एक सौ अड़तालीस कल्पकाल के बाद हुण्डावसर्पिणी काल आता है, अन्य आचार्यों के मत से असंख्यात कल्पकाल के बाद हुण्डावसर्पिणी काल आता है।

According to Acharya Jinasena, the Hundavasarpini age comes after one hundred and forty-eight kalpa-kalas; according to other Acharyas, it comes after innumerable kalpa-kalas.

— आराध्य सूत्र · #43

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जीवन आज और अभी है, उसे कभी अतीत या भविष्य में न देखें, जिसने जीवन को अतीत या भविष्य में देखा उसने जीवन को जाना ही नहीं। हमेशा ध्यान रखें कि जो सामने है वही सच है। उसके बाद जो कुछ भी है वह सिर्फ संभावना है।
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