Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

चाणक्य के पैर में काँटा लगा, चाणक्य ने काँटे को जड़ से उखाड़कर उसकी जड़ में मट्ठा डाल दिया, जिससे दोबारा न उगे, इसी तरह काम-क्रोध आदि अन्तरङ्ग शत्रुओं को जड़ से उखाड़ देना चाहिए।

A thorn pricked Chanakya's foot; he uprooted the thorn-plant from its root and poured buttermilk into the root so it would never grow again. In the same way one should tear out the inner enemies - lust, anger and the rest - from their very root.

— आराध्य सूत्र · #39

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
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