Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

याचकाः नैव याचन्ते, प्रतिबोधन्ति गृहे-गृहे। दीयतां दीयतां लोकाः, अदानात् फलमीदृशं।।

भिखारी भीख नहीं माँगते हैं घर-घर जाकर शिक्षा देते हैं कि हे लोगों! दान दो-दान दो मैंने पहले दान नहीं दिया था इसी कारण मुझे आज भीख माँगनी पड़ रही है।

Beggars do not merely beg; going house to house they teach: 'O people, give, give in charity! Because I gave no charity before, I must beg for alms today.'

— आराध्य सूत्र · #19

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
दान