Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

यदि लक्ष्मी को स्वयं उत्पन्न किया है तो वह पुत्री है, यदि पिता के द्वारा उत्पन्न की गई है तो बहिन है और यदि अन्य मनुष्यों की है तो परस्त्री है, ऐसा विचार कर बुद्धिमान मनुष्य उस लक्ष्मी का त्याग करने में तत्पर रहते हैं।

If wealth is earned by oneself it is a daughter, if earned by one's father it is a sister, and if it belongs to others it is another's wife — reflecting thus, the wise are ever ready to renounce that wealth.

— आराध्य सूत्र · #1

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
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