Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

अतिथि को खिलाकर खाओंगे तो वह भोजन भी पूजन बन जायेगी, अर्जन के साथ विसर्जन जरूरी है।

If you eat after feeding a guest, even that meal becomes worship; along with earning, giving away is necessary.

— आराध्य सूत्र · #13

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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