Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

सेठ की सम्पत्ति बीस हजार- धनी सेठ से साधु ने पूँछा तुम्हारी कितनी सम्पति है सेठ ने कहा बीस हजार क्योंकि हमने इतना ही दान दिया है, बाकी की सम्पत्ति परिवार की है, अर्थात् जितना दान देते हैं उतना ही अपना मानना चाहिए।

A merchant's wealth is twenty thousand: when a sadhu asked a rich merchant how much wealth he had, he replied twenty thousand, because that is all he had given in charity; the rest belongs to the family. That is, one should regard as one's own only what one gives away.

— आराध्य सूत्र · #11

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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