Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

दाता नीचोऽपि सेव्यः स्यान्, निष्फलो न महानपि। जलार्थी वारिधिं त्यक्त्वा, पश्य कूपं निषेवते।।

दाता निम्न कुल में भी हो तो भी लोग उसके पास जाते हैं, कञ्जूस उच्च कुल वाला भी हो तो भी लोग उसके पास नहीं जाते जैसे समुद्र के पास कोई नहीं जाता और कुंए के पास सब लोग जाते हैं।

A giver, though of low birth, is sought by people; a miser, though highborn, is shunned; just as no one goes to the ocean for water but everyone goes to the well.

— आराध्य सूत्र · #5

इसी विषय के और सूत्र

सभी दान →
परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
दान