Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

वृक्ष की उदारता- धरती ने वृक्ष से कहा मैं तुम्हें रस प्रदान करती हूँ, तुम यूँ ही बर्बाद कर देते हो, किसी को दिया मत करो, अपने पास रखो, वृक्ष बोला नहीं माँ मैं देता हूँ तभी फलता हूँ, देने...

The tree's generosity: the Earth said to the tree, 'I give you sap, and you just waste it; give it to no one, keep it for yourself.' The tree replied, 'No, mother, it is because I give that I bear fruit; by giving...' (text continues beyond this page).

— आराध्य सूत्र · #80

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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