अन्नदानसमं दानं, समतासदृशं तपः। वीतरागसमो देवो, नास्ति धर्मो दयासमः॥
अन्नदान के समान कोई दान नहीं, समता के समान कोई तप नहीं, वीतरागता के समान कोई देव नहीं और दया के समान कोई धर्म नहीं है।
There is no gift like the gift of food, no austerity like equanimity, no god like the dispassionate one, and no dharma like compassion.
— आराध्य सूत्र · #66
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