Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

जहाँ कहीं से पात्र को आता हुआ देख कर दाता, ''जिनेन्द्र के समान'' उन्हें पड़गाहन करता है वह प्रतिग्रह कहलाता है।

When a donor, seeing a worthy recipient approaching from anywhere, welcomes them 'as if they were Jinendra,' that is called pratigraha (reception).

— आराध्य सूत्र · #15

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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