Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

त्याग निश्चय धर्म है, दान व्यवहार धर्म है तथा त्याग धर्म है, दान पुण्य है, बुरी व अच्छी दोनों वस्तुओं का त्याग होता है, दान अच्छी वस्तु का होता है, दान में परोपकार, त्याग में स्वोपकार होता है।

Renunciation is the absolute (nishchaya) dharma, charity the conventional (vyavahara) dharma; renunciation is dharma, charity is merit; one renounces both bad and good things, but one gives only good things; charity benefits others, renunciation benefits oneself.

— आराध्य सूत्र · #6

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
दान