Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

किं काहिदि वणवासो, कायक्लेसो विचित्तउववासो। अज्झयणमोणपहुदि, समदा रहिदस्स समणस्स॥

वन में वास, कायक्लेश, मासोपवास, अध्ययन, मौन इत्यादि समता से रहित श्रमणों का क्या कर लेंगे? अर्थात् समता के विना ये सभी मोक्ष प्राप्त नहीं करा सकते।

What will forest-dwelling, bodily mortification, month-long fasts, study, silence and the like avail monks devoid of equanimity? That is, without equanimity none of these can grant liberation.

— आराध्य सूत्र · #31

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम