Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

करोतु न चिरं घोरं, तपः क्लेशासहो भवान्। चित्त साध्यान् कषायारीन्, न जयेत् तदज्ञता॥

शरीर में क्षमता न होने के कारण चिरकाल तक तपस्या नहीं कर सकते तो कोई बात नहीं, किन्तु मन से वश में करने योग्य कषाय रूपी शत्रुओं को नहीं जीता तो यह तुम्हारी अज्ञानता है।

If, lacking bodily strength, you cannot perform long, severe austerity, that is no fault; but if you do not conquer the passion-enemies that the mind can subdue, that is your ignorance.

— आराध्य सूत्र · आ.शा. · #28

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम