Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

जो साधु वैयावृत्ति में कुशल, विनयी, सर्वसङ्घ का पालक, वैरागी और जितेन्द्रिय होता है उसे प्रज्ञाश्रमण कहा जाता है।

A monk who is skilled in service, humble, a protector of the whole sangha, detached and master of his senses is called a Prajna-shramana.

— आराध्य सूत्र · #29

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
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