Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

रसपरित्याग- दूध, घी, आदि षट् रस में से कोई रस का त्याग करना साधु और गृहस्थ दोनों रस परित्याग करते हैं।

Rasaparityaga: giving up one of the six tastes such as milk or ghee; both monks and householders practice taste-renunciation.

— आराध्य सूत्र · #19

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम