Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

सन्त लेटे-लेटे आतेहैं, और बैठे-बैठे जाते हैं, और श्रावक लेटे-लेटे आते हैं, और लेटे-लेटे ही जाते हैं, उनकी अर्थी कफन से इसलिए ढकी होती है, कि उन्होंने जीवन में संयम नहीं पाला इसलिए मुँह दिखाने लायक नही हैं, सन्त की अर्थी खुली होती है और वे बैठे-बैठे जाते हैं।

Saints come lying down (as infants) but depart seated (in meditation), whereas householders come lying down and also depart lying down; their bier is shrouded because, having kept no restraint in life, their face is not fit to be shown, while a saint's bier is open and he departs seated.

— आराध्य सूत्र · #47

इसी विषय के और सूत्र

सभी संयम →
मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम