Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

व्याघ्री ने तन खाया- व्याघ्री ने सुकौशल स्वामी को खाया और कीर्तिधर मुनि का उपदेश सुनकर प्रायश्चित्त से रो–रो कर भीग गयी और संयम धारण कर स्वर्ग गयी, मुनि भक्षी व्याघ्री भी संयम के प्रभाव से स्वर्ग चली गयी तथा असंयम से क्षायिक सम्यग्दृष्टि श्रेणिक नरक गया था।

The tigress devoured Sukoshal Swami, but on hearing Muni Kirtidhar's sermon she wept in repentance, took up self-restraint, and went to heaven. Even the sage-eating tigress reached heaven by the power of self-restraint, while King Shrenik, though a kshayik samyagdrishti, went to hell through lack of restraint.

— आराध्य सूत्र · #28

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम