Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

अठ्ठाईस इन्द्रिय विषयों के विरोधी, अठ्ठाईस मूलगुण संसार के बन्धन को छेदकर मुक्ति दिलाते हैं।

Opposed to the twenty-eight objects of the senses, the twenty-eight root-virtues cut through the bonds of worldly existence and bring liberation.

— आराध्य सूत्र · #25

इसी विषय के और सूत्र

सभी संयम →
मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम