Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

पाँच इन्द्रिय और मन को वश में करना इन्द्रिय संयम कहलाता है और पाँच स्थावर और त्रस जीवों की रक्षा करना प्राणी संयम कहलाता है।

Controlling the five senses and the mind is called restraint of the senses, and protecting the five immobile and the mobile beings is called restraint toward living beings.

— आराध्य सूत्र · #6

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम