Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

नापृष्टः कस्यचिद् ब्रूयान्, न चान्येनापृच्छतः। जानन्नपि हि मेधावी, जड़वल्लोकमाचरेत्।।

विना पूँछे न बोलें, दूसरे के द्वारा पूँछे जाने पर भी न बोलें, बुद्धिमान आत्म शान्ति के लिए जानते हुए भी मूर्ख की तरह आचरण करे।

Speak not unasked, and even when asked by another, speak not; for the sake of inner peace the wise one, though knowing, should behave like a simpleton.

— आराध्य सूत्र · #12

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम