Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

मूकः परापवादेषु, परदारा निरीक्षणेऽप्यन्धः। पङ्गुः परधनहरणे, जयति लोकत्रये पुरुषः।।

जो पर दोष कहने में मूक रहता है, पर स्त्री के देखने में अन्धा रहता है, पर के धन हरण करने में लङ्गड़ा रहता है वह पुरुष तीनों लोकों में विजय प्राप्त करता है।

The man who is mute in speaking others' faults, blind toward another's wife, and lame in seizing another's wealth wins victory in all three worlds.

— आराध्य सूत्र · #11

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम