Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

हुङ्कारङ्गुलि खात्कार, भ्रू मूर्ध चलनादिभिः। मौनं विदधता संज्ञा, विधातव्यः न गृद्धये।।

मौन धारण करने वाले को भोजन सम्बन्धी लालसा के लिये हुङ्कार, अङ्गुलि दिखाना, खांसी, भोंह चलाना, सिर हिलाना आदि से सङ्केत नहीं करना चाहिए।

One observing silence should not, out of craving for food, make signals such as grunting, pointing a finger, coughing, moving the eyebrows, or nodding the head.

— आराध्य सूत्र · #4

इसी विषय के और सूत्र

सभी संयम →
मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम